अफ़साना-ए-हस्ती क्या बतलाए हम
आसिम तो तुम थे आसिर हम कहलाये
अफ़वाओंके भरोसे न रहो दुनियावालो
दिल चुराया उन्होंने गुनहगार हम कहलाये
अफ़शाइ की जरुरत तो उन्हे है दोस्तों
छुपे नकाब के पीछे और शायिस्ता कहलाये
यूं मासूमियत से न देख हमे जालिम
होश तूने संभाला बेहोश हम कहलाये
सुराग तो ढूंढ ही लेंगे जमानेवाले
तभी तेरे नाम के साथ हम आशिक कहलाये
दीपा
अफ़साना-ए-हस्ती - story of life
आसिम - culprit
आसिर - kaidi
अफ़शाइ - unveiling
शायिस्ता - decent /mannered